भक्तों की आस्था, हरित यात्रा की राह प्रदेश की शान बने मैहर- चित्रकूट
मैहर। पूर्व राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त राजेंद्र नामदेव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर धार्मिक स्मार्ट सिटी मैहर और चित्रकूट के बीच इलेक्ट्रिक ट्रांजिट बस सेवा शुरू करने की माँग उठाई है। उन्होंने कहा कि दोनों धामों में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते-जाते रहते हैं। साथ ही, इन स्थलों के आसपास भी कई छोटे-बड़े पूजा स्थल हैं, जहाँ भक्तों की आवाजाही बनी रहती है।
राजेंद्र नामदेव ने बताया कि उज्जैन ने इलेक्ट्रिक ट्रांजिट बसों की दिशा में राष्ट्रीय आदर्श स्थापित किया है। ऐसे में मैहर और चित्रकूट जैसे पवित्र तीर्थ स्थलों को भी इसी प्रकार की सेवा से जोड़ा जाना चाहिए। इससे यात्रियों को प्रदूषण रहित, सुविधाजनक यात्रा का अवसर मिलेगा, और प्रदेश की पहचान हरित प्रदेश के रूप में और प्रबल होगी। राजेंद्र ने बताया कि मध्य प्रदेश के उज्जैन नगर निगम ने 100 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए मुंबई की ग्रीनसेल मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड को एलओयू जारी किया है। इससे शहर में प्रदूषण रहित और आरामदायक परिवहन की सुविधा मिलेगी। इस परियोजना से पर्यावरण संरक्षण, रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। केंद्र सरकार ने इसके लिए 12 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी खोलेगी। पर्यटन को भी इससे नई गति और संजीवनी मिलेगी। अगर उज्जैन की तरह मैहर और चित्रकूट को जोड़ने वाली इलेक्ट्रिक बस सेवा की पहल से  प्रारंभ हो जाए तो धार्मिक पर्यटन को एक नई उड़ान मिल सकती है।
राजेंद्र नामदेव ने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री इस माँग को गंभीरता से लेकर शीघ्र ही इस दिशा में ठोस कदम उठाएंगे। उनका मानना है कि यह पहल प्रदेश के लिए गौरव का विषय बनेगी और एक नई राष्ट्रीय पहचान गढ़ेगी।

न्यूज़ सोर्स : राजेन्द्र नामदेव 7804861540