बकाया बिल पर विद्युत विभाग का सख्त एक्शन, पालिका कार्यालय की सप्लाई कटी
मैहर। शहर में प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है, जहां नगर पालिका का भारी भरकम बिजली बिल बकाया होने के चलते विद्युत वितरण कंपनी ने सीधे कनेक्शन काट दिया। इस कार्रवाई से पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, विद्युत वितरण कंपनी ने बकायादारों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ सरकारी संस्थाओं पर भी कार्रवाई की जा रही है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि नगर पालिका जैसी जिम्मेदार संस्था ही समय पर बिल जमा नहीं कर सकी ।
नगर पालिका कार्यालय की बिजली कटने से यह साफ हो गया है कि जिम्मेदार अधिकारी बकाया भुगतान को लेकर गंभीर नहीं हैं। सूत्रों के मुताबिक, लंबे समय से बिल जमा नहीं किया गया था, जिसके चलते यह कार्रवाई करनी पड़ी।
जब इस संबंध में सीएमओ प्रिंस अग्रवाल से सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ जवाब देने से बचते हुए कहा मैं इसको समझकर बताता हूं।उनका यह जवाब खुद प्रशासनिक तैयारी और जिम्मेदारी पर सवाल खड़ा करता है।
 विद्युत विभाग के डी से बात करने पर बताया गया कि निर्धारित समय अवधि में बिल न जमा करने के कारण यह करवाई हुई है ।
 दो टूक संदेश वहीं विद्युत मंडल के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नगर पालिका पर बिजली बिल बकाया है और भुगतान को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई है।मार्च माह में वसूली का विशेष लक्ष्य मिला है, इसी के तहत कार्रवाई की जा रही है। हमारा लक्ष्य किसी को आसुविधा में डालना नहीं है ।
अधिकारियों ने यह भी संकेत दिए हैं कि यदि बकाया राशि जल्द जमा नहीं हुई, तो आने वाले समय में अन्य शासकीय सेवाओं के कनेक्शन भी काटे जा सकते हैं।
 जनता में नाराजगी, उठे सवाल
नगरवासियों का कहना है कि जब आम जनता से समय पर बिल वसूला जाता है, तो फिर पालिका खुद नियमों का पालन क्यों नहीं कर रही? क्या यही है जिम्मेदार प्रशासन? जो खुद बिल नहीं भर पा रहा, वो जनता से क्या उम्मीद करेगा?
मैहर नगर पालिका की बिजली कटना सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक ढिलाई का बड़ा उदाहरण है। अब देखना होगा कि पालिका कब तक बकाया चुकाकर अपनी व्यवस्था पटरी पर लाती है, या फिर यह मामला और तूल पकड़ता है।

न्यूज़ सोर्स : विधुत वितरण कम्पनी