यह मार्ग नहीं जन जीवन के लिए खतरा है - पवन दुबे
एकलव्य विद्यालय मार्ग का हाल
बरसात ने भ्रष्टाचार का पर्दा हटा दिया यह मौत की ओर खुलता मार्ग है ।
मैहर। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय तक जाने वाला यह मार्ग नहीं अपितु एक भयावह भूल है। यह मार्ग अपने भीतर मौत की आशंका छिपाए बैठा है। ये शब्द हैं समाजसेवी पवन दुबे के जिन्होंने पहली ही वर्षा में सड़क और पुलिया की हालत देख कर गहरी चिंता व्यक्त की है।
पवन दुबे ने कहा कि जिस मार्ग से प्रतिदिन आदिवासी बच्चे विद्यालय जाते हैं, वह मार्ग पूरी तरह से असुरक्षित, तकनीकी रूप से त्रुटिपूर्ण और निर्माण की दृष्टि से भ्रष्टाचार का जीवित प्रमाण बन गया है। सड़क की हालत यह सिद्ध करती है कि निर्माण के समय सरकारी दिशा-निर्देशों तकनीकी मानकों और संवेदनशीलता को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ किया गया।
सड़क और पुलिया की वास्तविक स्थिति
पवन दुबे के अनुसार पहली बारिश में ही यह मार्ग लगभग साठ मीटर तक धँस गया है, पुलिया के बगल से रोड के नीचे से पानी आर-पार होकर मिट्टी को अंदर से काट रहा है और रोड के ऊपर से भी पानी बह रहा है। इस कारण सड़क ने अपनी पहचान खो दी है और किसी भी क्षण बड़ा हादसा हो सकता है। सड़क का किनारा, जल निकासी, मिट्टी की पकड़ और ढलान सभी आवश्यक तकनीकी पहलुओं की खुलकर अनदेखी की गई है। यह वही जगह है जहा सरकारी भूमियो को तत्कालीन पटवारी की मदद से भू मफियाओं ने बेचने का काम भी किया हैं ।
ऐसे हालातो पर अगर कोई घटना दुर्घटना होती है तो
विधिक प्रावधान और प्रशासन की जिम्मेदारी
इस मामले में निम्नलिखित कानूनी बिंदु उभरते हैं:
भारतीय दंड संहिता की धारा 304(ए) के अनुसार यदि लापरवाही से किसी की मृत्यु होती है, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार को उत्तरदायी माना जाएगा।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के अंतर्गत यदि निर्माण कार्य में जानबूझकर घटिया सामग्री का प्रयोग कर लोकधन की हानि की जाती है, तो यह दंडनीय अपराध है।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अनुसार नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सेवा देना हर विभाग की कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी है।
प्रशासनिक चुप्पी और भ्रष्टाचार की गूंज
पवन दुबे ने यह भी कहा कि प्रशासन की चुप्पी स्वीकृति के समान है। यह स्थिति मात्र निर्माण की विफलता नहीं, बल्कि शासन की लोक उत्तरदायित्व प्रणाली की गिरावट को दर्शाती है।
यदि जन समस्याओं पर प्रशासन मौन रहे, तो वह अपराध में सहभागी बन जाता है। शासन की निगरानी में ही यदि भ्रष्टाचार पनपे
तो यह जनता के विश्वास की हत्या है।
जन चेतावनी और मांग
पवन दुबे ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र इस मार्ग की मरम्मत और उच्च स्तरीय जांच नहीं की गई, तो जन आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने माँग की है कि:
इस कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए।.दोषियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए। विद्यालय मार्ग को तत्काल सुरक्षित किया जाए, जिससे छात्र-छात्राओं की जान जोखिम में न रहे ।
एकलव्य विद्यालय का मार्ग केवल एक सड़क नहीं, वह हमारे भविष्य की नींव है। यदि उस पर भ्रष्टाचार की नींव रखी जाएगी, तो पीढ़ियाँ लहूलुहान होंगी।

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