इंदौर । जिला अंतर्गत बेटमा तहसील ठपा कार्यालय में स्टाफ की कमी से लोगों के राजस्व संबंधी कार्यों पर बुरा असर पड़ रहा है। लोगों को जिन बेहतर राजस्व सेवाओं की जरूरत है, उनको पूरा करने के लिए  प्रशासन गौर नहीं कर रहा है विधानसभा चुनाव के दौरान बेटमा में हुई जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बेटमा टप्पा तहसील कार्यालय को तहसील कार्यालयों में बदलने की घोषणा की गई थी जिससे लोगों को हर बेहतर राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराई जा सके  । लेकिन जमीनी स्तर पर बेटमा टप्पा को तहसील कार्यालय का दर्जा अभी नही मिला है । बेटमा में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध नहीं  हैं। स्टाफ की कमी के कारण अधिकारियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । बेटमा टप्पा तहसील कार्यालय में कुल 46 गांव आते हैं जिनके लाखों लोगों के राजस्व संबंधित नामांतरण, पोथी नामांतरण, बटांकन और सीमांकन जैसे कार्य प्रभावित हो रहे हैं बेटमा ठपा तहसील कार्यालय में एक बाबू, एक कंप्यूटर ऑपरेटर और एक चपरासी ही उपलब्ध हैं जिसके कारण कई प्रकरण कार्यलंबित होते जा रहे हैं जिससे लोगों में नाराजगी का भाव उत्पन्न हो रहा है ।
शारदा टाइप्स का प्रयास है कि प्रदेश में बैठे राज सरकार के मुख्यमंत्री इस पर संज्ञान ले और सुविधा उपलब्ध काराये ।

न्यूज़ सोर्स : राज मिडिया