हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटों में भूस्खलन की अलग-अलग घटनाओं में 4 लोगों की मौत
शिमला। पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में मॉनसून के कारण भारी बारिश हुई है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भारी बारिश के कारण बीते 24 घंटों में भूस्खलन की अलग-अलग घटनाओं में 4 लोगों की मौत हुई है, जबकि पिछले 48 घंटों में कुल 6 लोगों की जान गई है। मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है, इसकारण शिमला, सोलन, मंडी, चंबा, सिरमौर, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा और ऊना सहित कई जिलों में स्कूल और अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद रहने वाले है। शिक्षकों को भी ऑनलाइन कक्षाएं लेने का निर्देश दिया गया है। बारिश और भूस्खलन के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। 4 राष्ट्रीय राजमार्ग और 1277 सड़कें बंद हैं। सबसे ज़्यादा सड़कें शिमला (267), मंडी (256) और चंबा (239) में बंद हैं। कालका-शिमला हेरिटेज रेलवे ट्रैक पर मलबा गिरने से 2 से 5 सितंबर तक सभी ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। कुल्लू जिले में 133 केवी लाइन पर भूस्खलन के खतरे के कारण ब्लैकआउट की संभावना है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग की चेतावनी पर ध्यान दें। लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन से सड़क मार्ग बाधित होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला चंबा में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मंगलवार सुबह तक चंबा-पठानकोट रोड कई स्थानों पर अवरुद्ध है। चंबा मुख्यालय और सदर चंबा में लगातार बारिश हो रही है और यहां चंबा-पठानकोट मार्ग कई जगहों पर बंद है। चुवाड़ी क्षेत्र में लाहड़ू-चुवाड़ी रोड कलीघर में, लाहड़ू-सिहुंटा रोड नर्गड़ा में और लाहड़ू-नूरपुर रोड टिक्कर में बंद पड़ी है। खैरी और किहार में मौसम बादलों से घिरा है लेकिन यातायात सुचारू है। वहीं टिस्सा से भंजराड़ू होते हुए चंबा तक सिर्फ हल्के वाहनों (एलएमवी) की आवाजाही हो पा रही है। भरमौर में कई स्थानों पर सड़कें बंद हैं।

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