अवध शारदा समिति ने बुजुर्गों के सम्मान में समर्पित की सेवा डॉ. अशोक अवधिया का उद्बोधन बना आकर्षण 

मैहर। माँ शारदा धाम के पावन परिसर में स्थित वृद्धा आश्रम रविवार को भावनाओं और संवेदनाओं से सराबोर रहा। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर अवध शारदा समिति द्वारा यहाँ एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बुजुर्गों के स्वास्थ्य की देखभाल के साथ-साथ उनके सम्मान और सेवा का भाव प्रत्यक्ष दिखाई दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत स्वास्थ्य जांच से हुई। मैहर सिविल अस्पताल के चिकित्सक दल के प्रमुख डा विक्रम सिंह और पैथालॉजी संचालकों की मदद से सभी वृद्धजनों के रक्त एवं अन्य परीक्षण किए गए। रिपोर्ट उपरांत विशेषज्ञ चिकित्सक उन्हें समुचित परामर्श देंगे। तत्पश्चात समिति ने आश्रमवासियों के बीच फल व फलाहार वितरित कर उनके जीवन में ताजगी और मिठास घोली। इस अवसर पर डॉ. अशोक अवधिया का भावनात्मक उद्बोधन देते हुये कहा कि 

“बुजुर्ग किसी घर-परिवार के ही नहीं, पूरे समाज के आधार-स्तंभ हैं। जिनकी छाया तले पीढ़ियाँ पनपती हैं, जिनकी स्मृतियों और अनुभवों से जीवन के कठिन रास्तों को आसान बनाने की शिक्षा मिलती है। वृद्धजनों का आशीर्वाद किसी मंदिर की आरती और शंखध्वनि के समान है। यदि ये प्रसन्न रहें तो पूरा समाज प्रसन्न और सुरक्षित रहता है।

उन्होंने आगे कहा कि वृद्धा आश्रम में रहते हुए भी आप सभी माँ शारदा के सानिध्य में हैं। यहाँ के मंदिर की भक्ति-धारा आपकी आत्मा को शांति देती है। मैं व्यक्तिगत रूप से यह अनुभव करता हूँ कि इस स्थान को और अधिक सुंदर, पावन और सुविधाजनक बनाना हमारी जिम्मेदारी है। इसी भाव से मैंने संकल्प लिया है कि मंदिर परिसर में टाइल्स अपने निजी मद से लगवाऊँगा, ताकि जब आप मंदिर में भजन-पूजन के लिए जाएँ तो स्वच्छ और सुगम रास्ते पर चलें।

डॉ. अवधिया ने वृद्धजनों को स्वस्थ आहार और नियमित दिनचर्या अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जीवन के इस पड़ाव में संतोष, भक्ति और स्वास्थ्य ही सबसे बड़े धन हैं। आप सबका जीवन हँसी-खुशी और आशीर्वाद से भरा रहे, यही हमारी कामना है।
उनका यह भावनात्मक संबोधन सुनकर उपस्थित लोगों की आँखें नम हो उठीं और आश्रम का वातावरण श्रद्धा व संवेदना से भर गया ।

आश्रम की सेवाएँ और समाज का योगदान

माँ शारदा देवी मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संचालित यह आश्रम वृद्धजनों के लिए छत्रछाया स्वरूप है। यहाँ निःशुल्क आवास, भोजन, स्वास्थ्य सुविधा, भजन-कीर्तन, ध्यान साधना और समय-समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था है। आश्रम परिसर में स्थित मंदिर वृद्धजनों के लिए आध्यात्मिक संबल का कार्य करता है।

गरिमामयी उपस्थिति

आयोजन में समिति के पदाधिकारी विक्की अग्रवाल, प्रबोध जैन, कवयित्री मधु जैन राजकुमार जैन और मोहम्मद आरिफ वृद्ध आश्रम  के सुरेन्द्र गर्ग बब्बूराम विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राज ललन मिश्रा ने किया।

कार्यक्रम के अंत में वृद्धजनों ने समिति और आयोजकों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि ऐसे प्रयास उन्हें न केवल सहारा देते हैं बल्कि जीवन में आत्मीयता और अपनापन भी भरते हैं।