दमोह की तरह मैहर में भी शुरू होगी पहचान प्रक्रिया  रोज़ी-रोटी का ज़रिया बना ली है झूठी शिकायतों ने 

मैहर / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देशों के बाद अब फर्जी शिकायत कर अफसरों को ब्लैकमेल करने वालों पर शासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में सीएम हेल्पलाइन पर फर्जी शिकायत दर्ज कराने वाले 29 लोगों की पहचान की गई है, जिनके विरुद्ध जांच और आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, इन शिकायतकर्ताओं की सूची जिला कलेक्टर के पास भेजी गई है। उनकी शिकायतों का सत्यापन कराया जाएगा और यदि पाया गया कि आरोप निराधार या दुरुपयोग के उद्देश्य से लगाए गए हैं, तो कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मैहर में भी ऐसे तत्वों पर होगी नज़र

दमोह की तरह अब मैहर जिला प्रशासन को भी ऐसे लोगों की पहचान करनी चाहिए, जिन्होंने शिकायतों को अपनी रोज़ी-रोटी और ब्लैकमेलिंग का माध्यम बना रखा है। ऐसे लोग शासन की योजनाओं के वास्तविक उद्देश्य को भ्रमित कर रहे हैं और अधिकारियों के कार्य निष्पादन में बाधा डाल रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री की मंशा स्पष्ट है कि जनसेवा योजनाएँ आम जनता के लिए हैं न कि शिकायतों के नाम पर व्यक्तिगत स्वार्थ साधने वालों के लिए।
मैहर क्षेत्र में भी अब ऐसे शिकायतकर्ताओं की सूची तैयार कर सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जो शिकायतें बार-बार निराधार पाई जा रही हैं, उनका विश्लेषण कर संबंधित व्यक्तियों को नोटिस भेजने की तैयारी चल रही है।
सीएम हेल्पलाइन एक जनकल्याणकारी और पारदर्शी तंत्र के रूप में स्थापित की गई थी ताकि आम नागरिक अपनी समस्याओं का सीधा समाधान पा सकें। परंतु कुछ असामाजिक तत्वों ने इसे ब्लैकमेलिंग का औजार बना लिया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐसे मामलों को गंभीर प्रशासनिक अपराध मानते हुए स्पष्ट कहा है कि
ईमानदार अधिकारी-कर्मचारियों की प्रतिष्ठा पर चोट करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनो में  यह सब स्पष्ट होगा कि बेवजह झूठी शिकायतकर्ता नियम़ो की उलझनों मे फसते नजर आयेंगे ।