मैहर। नैशनल हाइवे 30 से जुड़ा लिंक रोड अब सड़क नहीं रहा, यह नागरिकों के लिए तालाबनुमा गड्ढों का 

मृत्यु - कुंड बन गया है। रामपथ गमन से जुड़ा यह मार्ग बरही और सरलानगर की सीमेंट फैक्ट्रियों तक आर्थिक जीवनरेखा है, लेकिन इसकी वर्तमान दशा प्रशासन की नाकामी का जीवंत सबूत है। भाजपा नेता पवन दुबे ने सड़क की दुर्दशा पर विरोध दर्ज कराते हुए एक साहसिक कदम उठाया। वे खुद पानी से भरे विशाल गड्ढों में उतरे और प्रशासन से सीधा सवाल किया कि जब यह सड़क अब तालाब बन चुकी है तब इस पर टोल वसूली किस हैसियत से हो रही है? क्या जनता का जीवन संकट में डालकर उससे पैसे लेना न्यायसंगत है?

दुबे ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह मार्ग अब यात्रियों के लिए सड़क नहीं बल्कि मौत का जाल बन गया है।

यह मार्ग न केवल औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यहां से रोज़ सीबीएसई स्कूलों के छात्र-छात्राएँ, नगरीय बस्तियों के निवासी और ग्रामीण भी गुजरते हैं। गड्ढों में समाए पानी ने आवागमन को खतरनाक बना दिया है।
फिर भी विडंबना यह है कि प्रशासन मरम्मत तो नहीं करता, मगर टोल वसूली बेरोक जारी है।

 पवन दुबे ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि यदि जिला प्रशासन अब भी निंद्रा से नहीं जागा और इस सड़क का कायाकल्प नहीं किया तो जनता का आक्रोश स्वाभाविक है । मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार माननीय मुख्यमंत्री मोहन यादव जी का जबकि स्पष्ट मंशा है कि आम जनता के प्रति सेवा में कोई भी कमी नही रहें  मध्य प्रदेश सरकार विकास  के प्रति कृतसंकल्पित है ।

प्रशासनिक लापरवाही से
टोल की वसूली जनता की जेब काटने के अलावा और कुछ नहीं है। जब सड़क ही नहीं तो टोल किस बात का?
पवन दुबे के इस कदम ने क्षेत्र में क्षोभ आक्रोश और चेतना की लहर पैदा कर दी है। स्थानीय नागरिक अब खुलकर कह रहे हैं कि जब तक सड़क दुरुस्त नहीं होती, टोल वसूली पूरी तरह बंद की जाए। इस संबंध में पवन दुबे ने कहा की मनानीय मुख्यमंत्री जी के संज्ञान में पुरा ममला लाया जाएगा और समस्या से निजात दिलाई जायेगी ।