स्वास्थ्य सुरक्षा के मद्देनज़र छत्तीसगढ़ में कई दवाओं पर बैन, तुरंत लागू हुआ आदेश
राजधानी रायपुर और बलौदाबाजार जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और हमर क्लीनिकों में 31 मई 2026 को एक्सपायरी होने वाली ओफलॉक्सासिन 200 एमजी, ऑर्निडाजोल 500 एमजी टैबलेट समेत कई दवाईंयों पर तत्काल प्रभाव से बैन लगा दिया है.
पेट की दवा समेत इन दवाईंयों पर लगा बैन
राजधानी रायपुर और बलौदाबाजार जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और हमर क्लीनिकों में 31 मई 2026 को एक्सपायरी होने वाली पेट की दवा ओफलॉक्सासिन प्लस ऑर्निडाजोल, ओफलॉक्ससीन 200 एमजी ऑनीरडाजोल 500 एमजी टेबलेट के उपयोग पर तत्काल ब्रेक लगाया गया है.
CGMSC मुख्यालय ने जारी किया निर्देश
CGMSC मुख्यालय द्वारा निर्देश देते हुए इन दवाईंयों पर प्रतिबंध लगाया गया. इस दवाईंयों का उपयोग पेट में संक्रमण दस्त और उल्टी जैसी समस्याओं में उपयोग की जाता है. उक्त बैच की दवा स्टॉक में होने पर तत्काल वेयरहाउस को वापस किए जाने के निर्देश दिए हैं.
श्याम बिहारी जायसवाल ने दी जानकारी
अमानक दवाओं को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता के स्वास्थ्य से बढ़कर कुछ नहीं है. इसलिए दवाओं की गुणवत्ता की जांच करा रहे हैं. अमानक दवाओं के बैच को रोक रहे हैं.
उन्होंने कोल्ड कफ सिरप को लेकर उन्होंने कहा कि- कोल्ड कफ सिरप से बच्चों के बीमार, मृत होने की जानकारी मिली है. उन सिरप को छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित कर दिया गया है. किसी भी दुकान में कफ सिरप सप्लाई ना की जा सके इसलिए बैन किया. सभी सीएमएचओ को आदेश भेज दिया गया है. ड्रग्स विभाग, CGMSC, स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर्स ज्वाइंट रूप से काम कर रहे हैं. सैंपलिंग कर अन्य कफ सिरप की जांच हो रही है.

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