सरकार को बड़ी राहत की उम्मीद! अगले दस साल में कर्ज का बोझ 10% तक घट सकता है
व्यापार: देश के सरकारी कर्ज में अगले दशक में लगातार गिरावट आने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2034-35 तक सरकार पर कर्ज का बोझ 10 फीसदी तक कम हो सकता है। केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में सरकारी कर्ज जीडीपी का 81 फीसदी है। यह 2030-31 तक कम होकर जीडीपी का 77 फीसदी और 2034-35 तक 71 फीसदी रह जाएगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनियाभर की सरकारों पर बढ़ते कर्ज के बीच उम्मीद है कि भारत राजकोषीय समेकन के मार्ग के अनुसरण करेगा। इसे जीडीपी में निरंतर वृद्धि और केंद्र सरकार के विवेकपूर्ण राजकोषीय प्रबंधन से समर्थन मिलेगा, जिससे सरकारी कर्ज में कमी आएगी। रिपोर्ट के मुतबिक, केंद्र सरकार के राजकोषीय समेकन प्रयासों और करीब 6.5 फीसदी की जीडीपी वृद्धि दर के बने रहने से देश को मध्यम अवधि के कर्ज में कमी लाने में मदद मिलेगी। हालांकि, राज्य सरकारों का कुल कर्ज अब भी उच्च स्तर पर बना हुआ है। यह समग्र राजकोषीय सेहत के लिए जोखिम पैदा कर रहा है।

Devi Bhagavata Purana का रहस्य: कौन हैं Durga के स्वामी?
क्या आज भी पृथ्वी पर हैं Hanuman? Ramayana के बाद की रहस्यमयी कथा
1.5 लाख बाराती, 7500 किलो चावल… मदुरै की महारानी की शादी का शाही जलवा
महादेव भी करते हैं इस राम मंत्र का जप? जानें सही समय और गुप्त लाभ
हर संकट का समाधान: श्री राम ध्यान मंत्र का अर्थ, लाभ और जप विधि