नीतीश के दिल्ली रवाना होने पर उनके किचेन कैबिनेट के मंत्रियों की जिम्मेदारी बदलेगी
पटना। सीएम नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा सदस्य चुने जाएंगे। इसके बाद वे दिल्ली कूच करने वाले है। बिहार की राजनीति में 20 साल बाद पहला मौका है, जब सूबे में बिना नीतीश के चेहरे की सरकार होगी।
वहीं एनडीए सरकार में पहली बार भाजपा का सीएम बनने जा रहा है। साथ ही मंत्रिमंडल में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अभी जेडीयू की ओर से नीतीश के कई बेहद करीबी नेता अहम मंत्रालयों को संभाल रहे हैं। संभव है कि नए सीएम बनने के नीतीश के किचेन कैबिनेट के मंत्रियों की जिम्मेदारी बदल दी जाएगी।
मौजूदा कैबिनेट में जेडीयू की ओर से सबसे मजबूत और ताकतवार मंत्री हैं। नीतीश के बेहद करीबी और भरोसेमंद हैं। जानकार बताते हैं कि नीतीश इनके फैसलों को ना नहीं करते। कोई बड़ा फैसला करने से पहले इनके साथ विचार कर सहमति लेते हैं। बिजेंद्र यादव की छवि ईमानदार और बिना लाग-लपेट के सीधी बात कहने वाले नेता की है। नीतीश को सीएम की कुर्सी तक पहुंचाने में इनका बड़ा योगदान है। बताया जा रहा कि बिजेंद्र यादव नई सरकार में मंत्री बने रहने से परहेज कर रहे हैं। उन्होंने नीतीश को बताया है कि जब आप नहीं तब मैं भी कैबिनेट में नहीं रहूंगा। बात दें कि बिजेंद्र के पास कई विभागों की जिम्मेदारी है। वित्त मंत्री के रूप में फरवरी 2026 में बिहार विधानसभा में 3.47 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया। उनके पास ऊर्जा विभाग का कार्यभार है। वह बिजली क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की जिम्मेदारी भी दी गई है।

शासकीय स्कूलों के प्रति अभिभावकों और बच्चों का बढ़ा आकर्षण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मायावती लखनऊ से चुनावी शंखनाद करेंगी, BSP के सामने चुनौती का पहाड़
हर घर नल-जल से बिराजपाली के ग्रामीणों को कठिनाईयों से मिली निजात
21 जिलों के निरीक्षण में खामियां उजागर, राज्य खाद्य आयोग ने विभागों को दिए सख्त निर्देश
सृजन अभियान के तहत सामुदायिक पुलिसिंग की पहल