संजय राउत का सख्त संदेश: बागियों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
नई दिल्ली: महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) के भीतर चल रहे गंभीर राजनीतिक संकट के बीच पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बुधवार को नई दिल्ली में एक बेहद तल्ख प्रेस कॉन्फ्रेंस की। राउत ने सत्ताधारी दल पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के सांसदों को तोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) की जा रही है। उन्होंने बागी रुख अपना रहे नेताओं को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि जिसे भी पार्टी छोड़कर जाना है, वह पहले अपने पद से इस्तीफा दे।
'शिवसेना हमारी मां है, बेईमानी करने वालों को छोड़ेंगे नहीं'
संजय राउत ने बागी सांसदों को चेतावनी भरे लहजे में कहा, "यदि कोई भी दल के साथ बेईमानी करेगा, तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जिसे भी जाने का शौक है, वह सम्मान के साथ अपना इस्तीफा सौंपे और चला जाए। इनमें से कुछ नेताओं ने साईबाबा की कसम खाई थी, तो कुछ ने अपनी मां की सौगंध लेकर वफादार रहने का वादा किया था। अब महाराष्ट्र की जनता इस गद्दारी को चुपचाप नहीं देखेगी। हम बागी सांसदों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएंगे, क्योंकि शिवसेना हमारे लिए सिर्फ राजनीतिक दल नहीं, बल्कि हमारी मां है।"
सांसदों को मिले 15-15 करोड़, बीजेपी पर लगाया तोड़ने का आरोप
'ऑपरेशन टाइगर' की चल रही चर्चाओं पर बड़ा खुलासा करते हुए राउत ने दावा किया, "मेरे पास पुख्ता जानकारी है कि पाला बदलने के लिए हर सांसद को 15-15 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि (एडवांस) दी गई है। यह कुल 50 करोड़ रुपये की बड़ी डील का हिस्सा है। पैसे मिलने के बाद ये बागी नेता नांदेड़ और पुणे समेत तीन अलग-अलग जगहों से गुपचुप तरीके से चार्टर फ्लाइट्स में सवार होकर दिल्ली पहुंचे हैं। इस पूरी साजिश के पीछे भारतीय जनता पार्टी (BJP) का हाथ है, जो लगातार हमारी शिवसेना को खत्म करने और तोड़ने की कोशिशों में जुटी है।"
संसदीय दल के लिए कड़ा व्हिप जारी, लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र
इस संभावित टूट को कानूनी रूप से नाकाम करने के लिए पार्टी ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। संजय राउत ने बताया, "कल यानी गुरुवार सुबह 11 बजे हमने दिल्ली में अपने संसदीय दल की एक बेहद महत्वपूर्ण आपातकालीन बैठक बुलाई है। इस बैठक में सभी सांसदों की मौजूदगी अनिवार्य करने के लिए बकायदा आधिकारिक 'व्हिप' जारी कर दिया गया है। अभी तक हमारे सभी सांसद कागजी तौर पर एक साथ हैं और हमारा अध्यक्ष भी एक ही है।" इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि सांसद अरविंद सावंत ने पहले ही लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ओम बिरला को पत्र लिखकर बागी गुट को किसी भी प्रकार की अलग मान्यता या विशेषाधिकार न देने का अग्रिम अनुरोध कर दिया है।

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