महाराष्ट्र राजनीति में हलचल, खरगे के बयान से मचा बवाल
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है। जहां एक तरफ महाविकास अघाड़ी (विपक्ष) इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा और शिंदे गुट पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगा रहा है, वहीं सत्तारूढ़ गठबंधन इसे अपनी बड़ी राजनीतिक कामयाबी बता रहा है। कांग्रेस की ओर से इस पर बेहद तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं, जिससे राज्य का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
गठबंधन के नाम पर सहयोगियों को निगलने का आरोप
प्रियांक खरगे ने भाजपा की कार्यशैली की तुलना एक 'परजीवी' (Parasite) से करते हुए कहा कि भाजपा जानबूझकर एक ऐसी व्यवस्था तैयार कर रही है, जहां वह पहले किसी मजबूत क्षेत्रीय दल के साथ गठबंधन करती है और फिर धीरे-धीरे उसे ही अंदर से खत्म कर देती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसा ही कुछ महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ हुआ, हाल ही में टीएमसी और जेडीयू के साथ करने की कोशिश की गई, और अब कर्नाटक में जेडीएस (JDS) के साथ भी यही खेल खेला जा रहा है। खरगे के मुताबिक, भाजपा गठबंधन का सिर्फ मुखौटा पहनती है, जबकि असल में वह अपने ही सहयोगियों को निगल जाती है।
केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग और RSS का जिक्र
अपने बयान को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस नेता ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आरएसएस भी हमेशा से क्षेत्रीय दलों के खिलाफ रहा है और भाजपा उसी सोच को आगे बढ़ा रही है। खरगे ने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय दलों को खत्म करने के लिए भाजपा पूरी तरह से असंवैधानिक तरीकों पर उतर आई है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि विपक्षी और क्षेत्रीय दलों को डराने व उन्हें तोड़ने के लिए सीबीआई (CBI), आयकर विभाग (Income Tax), ईडी (ED) और ब्लैकमेलिंग जैसे हथकंडों का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है।
विपक्ष ने सरकार को घेरा, बताया लोकतंत्र की हत्या
इस पूरे मामले पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य के मुख्यमंत्री खुद लोकतंत्र की हत्या का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने शिंदे सरकार को केवल समय काटने वाली सरकार बताया और आरोप लगाया कि सरकार किसानों की कर्ज माफी को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। वहीं, कर्नाटक सरकार के मंत्री और कांग्रेस नेता प्रियांक खरगे ने भाजपा की तुलना 'परजीवी' से कर डाली। खरगे ने दावा किया कि भाजपा क्षेत्रीय पार्टियों से गठबंधन के बहाने जुड़ती है और धीरे-धीरे उन्हें ही निगल जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवसेना, जेडीयू, टीएमसी और जेडीएस जैसी पार्टियों के साथ ऐसा ही करने की कोशिश की गई है और इसके लिए सीबीआई, ईडी और इनकम टैक्स जैसी केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
सत्तारूढ़ दल ने 'ऑपरेशन टाइगर' को बताया पूरी तरह सफल
दूसरी तरफ, भाजपा और शिंदे गुट इस अभियान को अपनी बड़ी जीत के रूप में देख रहे हैं। भाजपा विधायक प्रवीण दारेकर ने साफ तौर पर दावा किया कि 'ऑपरेशन टाइगर' पूरी तरह सफल रहा है और उद्धव ठाकरे के छह सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए उनके साथ आ रहे हैं। वहीं, महाराष्ट्र सरकार के मंत्री प्रताप सरनाईक ने दोपहर तीन बजे सांसदों के शामिल होने की बात दोहराई और तंज कसते हुए कहा कि संजय राउत की वजह से पहले विधायक आए थे और अब उन्हीं की मेहरबानी से सांसद भी आ रहे हैं। उन्होंने यहां तक दावा कर दिया कि आने वाले समय में उद्धव गुट के बचे हुए तीन सांसद भी शिंदे गुट में शामिल हो जाएंगे। इसी बीच, भाजपा नेता चित्रा वाघ ने संजय राउत पर निशाना साधते हुए कहा कि सांसदों और विधायकों के खिलाफ जिस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है, उसी के चलते नेता उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ रहे हैं।

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