पुरुषों में होते हैं यौन ईर्ष्या के कई कारण
वाशिंगटन । कुछ मानसिक और व्यवहारिक गुण पुरुषों में ईर्ष्या की भावना को बढ़ा सकते हैं। यह भावना तब उत्पन्न होती है जब पुरुष को लगता है कि उसका साथी किसी और व्यक्ति के साथ भावनात्मक या शारीरिक रूप से जुड़ रहा है। यह केवल प्रेम से नहीं, बल्कि आत्म-सम्मान, भय और स्वामित्व की भावना से भी गहराई से जुड़ी होती है। हाल ही में हुए एक अध्ययन में पाया गया है कि, पुरुषों में यौन ईर्ष्या के कई कारण होते हैं। सबसे प्रमुख है असुरक्षा जब किसी पुरुष को अपने रूप, आर्थिक स्थिति या सफलता पर भरोसा कम होता है, तो उसे यह डर सताता है कि उसकी पार्टनर किसी और के साथ ज़्यादा खुश रह सकती है। दूसरी वजह है स्वामित्व की भावना। कई पुरुष अपने साथी को एक अधिकार की वस्तु मान लेते हैं, और जब वह किसी दूसरे पुरुष से बात करती हैं या हंसती हैं, तो उन्हें नियंत्रण खोने का डर सताने लगता है। पिछले अनुभव भी यौन ईर्ष्या का बड़ा कारण हैं। जिन पुरुषों को पहले किसी रिश्ते में धोखा मिला हो, वे नई रिलेशनशिप में भी संदेह और भय की भावना से जूझते हैं। वहीं आत्म-सम्मान पर चोट तब लगती है जब पुरुष यह सोचते हैं कि यदि उनकी पार्टनर किसी और में दिलचस्पी दिखा रही है, तो शायद वे खुद पर्याप्त नहीं हैं।
यौन ईर्ष्या के संकेत अक्सर व्यवहार में दिखने लगते हैं साथी के फोन या सोशल मीडिया की जासूसी करना, बार-बार पूछना कि वह किससे बात कर रही है, उसे नियंत्रित करने की कोशिश करना, या लगातार गुस्सा और बेचैनी महसूस करना। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि इस स्थिति से निपटने के लिए खुलकर बातचीत करना सबसे जरूरी है। मन में बातें दबाने से समस्या बढ़ती है। खुद पर भरोसा और आत्मविश्वास बढ़ाना, साथी पर विश्वास रखना और जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग लेना बेहद फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, पुरुषों में यौन ईर्ष्या “प्यार का प्रमाण” नहीं, बल्कि असुरक्षा, आत्म-सम्मान और बीते अनुभवों का मिश्रण है। इसे समझना और संवेदनशीलता से संभालना रिश्ते को मजबूत और संतुलित बना सकता है।

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